महाशक्ति का रैप (व्यभिचार)भारतीय अस्मिता पर बार-बार चोट।
अनादिकाल से नारी को महाशक्ति की तरह पूजा जाता है ,लेकिन उसकी तरफ़ किसी का ध्यान नहीं जाता है कि भारतीय संविधान मैं उनको कोई जगह दी जा सके .अंग्रेजों द्वारा बनाया गया कानून अभी तक बरक़रार है .हर दिशाओं मैं नै नै खोजें जरी हैं ,लेकिन इसतरफ महा पंचायत के मेम्ब्रानों का ध्यान क्यों नहीं जाता है .आरक्षण ही कोई दिशा नहीं है ,उनपर विचार भी आवश्यक है ,आरक्षण एक मुद्दा है ,नारी कि लज्जा एक सवाल है ,जो कि भारतीय संसद मैं कुछ समयापर्क नेताओं द्वारा हंसने हसांने के माहोल मैं नेताओं द्वारा दलीलें दी जाती हैं .आज नारी ही नारी कि दुश्मन हो गयी है.आज नारी पर अत्याचार भी एक व्यभिचार जैसा ही है ।
संसद मैं ३०% जगह मिलजाने से क्या नारी को सुरक्षा मिलेगी ,हमें संदेह है.जब कानून ही सहायता नहीं करता है ,तब संसद क्या करेगी .पहले संसद को संविधान मैं परिवर्तन करना होगा ,तभी कुछ हो सकता है।
पुलिस थानों को सुधारना होगा ,पुलिसिया व्यवस्था सुधारनी होगी अन्यथा नारियां तालेबानी प्रवृति अपनानें के लिए तैर हो जाएँगी ,तब कोई भी कुछ नहीं कर सकेगा।
लाज एक नारी लुटती है ,उस ख़बर को मीडिया कैश करने लगता है .यह भी नारी पर एक व्यभिचार है .इस पर भी रोक लगनी होगी .दूसरे शब्दों मैं नारी पर व्यभिचार भी एक ख़बर बनकर बिकने लगता है।
हम कब भारतीय होंगे हमारी अस्मिता कब और कैसे सुरक्षित होगी ,क्या फिर से गुलाम बन कर ही दम लेंगे ।
अनादिकाल से नारी को महाशक्ति की तरह पूजा जाता है ,लेकिन उसकी तरफ़ किसी का ध्यान नहीं जाता है कि भारतीय संविधान मैं उनको कोई जगह दी जा सके .अंग्रेजों द्वारा बनाया गया कानून अभी तक बरक़रार है .हर दिशाओं मैं नै नै खोजें जरी हैं ,लेकिन इसतरफ महा पंचायत के मेम्ब्रानों का ध्यान क्यों नहीं जाता है .आरक्षण ही कोई दिशा नहीं है ,उनपर विचार भी आवश्यक है ,आरक्षण एक मुद्दा है ,नारी कि लज्जा एक सवाल है ,जो कि भारतीय संसद मैं कुछ समयापर्क नेताओं द्वारा हंसने हसांने के माहोल मैं नेताओं द्वारा दलीलें दी जाती हैं .आज नारी ही नारी कि दुश्मन हो गयी है.आज नारी पर अत्याचार भी एक व्यभिचार जैसा ही है ।
संसद मैं ३०% जगह मिलजाने से क्या नारी को सुरक्षा मिलेगी ,हमें संदेह है.जब कानून ही सहायता नहीं करता है ,तब संसद क्या करेगी .पहले संसद को संविधान मैं परिवर्तन करना होगा ,तभी कुछ हो सकता है।
पुलिस थानों को सुधारना होगा ,पुलिसिया व्यवस्था सुधारनी होगी अन्यथा नारियां तालेबानी प्रवृति अपनानें के लिए तैर हो जाएँगी ,तब कोई भी कुछ नहीं कर सकेगा।
लाज एक नारी लुटती है ,उस ख़बर को मीडिया कैश करने लगता है .यह भी नारी पर एक व्यभिचार है .इस पर भी रोक लगनी होगी .दूसरे शब्दों मैं नारी पर व्यभिचार भी एक ख़बर बनकर बिकने लगता है।
हम कब भारतीय होंगे हमारी अस्मिता कब और कैसे सुरक्षित होगी ,क्या फिर से गुलाम बन कर ही दम लेंगे ।